February फरवरी में हर चौथे साल 29 दिन कैसे होते हैं? Leap Year (लीप वर्ष) क्या है, ये कैसे तय होता है?
गणना कैसे की जाती है?
पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 घंटे 56 मिनट और 4 सेकंड में एक चक्कर घूमती है। ये अपने अक्ष पर 1670 किलोमीटर प्रति घंटा (1670 km/h) की गति से चक्कर काटती है। पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर 365 दिन 5 घंटे और 46 सेकंड या 365 दिन 6 घंटे (लगभग 365.2422 दिन) में पूरा करती है।
हम कैलेंडर में एक साल में 365 दिन गिनते हैं और 6 घंटे को प्रत्येक चौथे साल में (4 × 6 = 24 घंटे) 24 घंटे के रूप में जोड़ते हैं जो एक दिन के बराबर है। यही कारण है कि हर चौथे साल फरवरी में 29 दिन होते हैं।
2024 का साल एक लीप वर्ष था। आगे का लीप वर्ष अब 4 साल बाद यानी 2028 में होगा।
फरवरी में ही एक अतिरिक्त दिन क्यों जोड़ा जाता है?
ऐतिहासिक कारण: प्राचीन रोमन कैलेंडर में मार्च से वर्ष की शुरुआत होती थी और फरवरी वर्ष का अंतिम महीना हुआ करता था, जिसमें पहले से ही सबसे कम दिन (28 दिन) होते थे।
व्यावहारिक सुविधा: जब जूलियन और ग्रेगोरियन कैलेंडर में सुधार किए गए, तो महीनों के ऐतिहासिक क्रम और अन्य महीनों के दिनों की संख्या को छेड़े बिना सबसे छोटे और अंतिम महीने यानी फरवरी में ही अतिरिक्त दिन (29 फरवरी) जोड़ना सबसे सुगम माना गया।

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