आपने सोशल मीडिया WhatsApp Facebook instagram आदि या अपने दोस्तों, दुकानदारों, परिवार वालों से जरूर सुना होगा कि "UPI अब मुफ्त नहीं, अब payment करने पर अलग से शुल्क देना पड़ेगा" लेकिन सिर्फ किसी के कहने पर ये मान लेना कि upi पर अलग से चार्ज देना पड़ेगा, बिना आधिकारिक जानकारी के जाने, सही नहीं। हमेशा आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
क्या सच में UPI भुगतान पर शुल्क देने होंगे?
नहीं! अगर आप एक ग्राहक हैं और किसी दुकान पर upi से भुगतान करते हैं, तो आपको खरीदे हुए सामान की कीमत के अलावा अलग से कोई भी शुल्क (charge) नहीं देना होगा, आपके upi से कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं कटेगा। यानी upi एक ग्राहक के लिए पहले भी मुफ्त था और अब भी मुफ्त है।
किसी को पैसे भेजने पर?
UPI से अगर आप (P2P) पैसा भेजते हैं, तब भी कोई शुल्क नहीं लगेगा। P2P का मतलब Person to Person (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को)। आपको अपने किसी दोस्त, परिवार वालों को पैसे भेजने हो तो, Zero Fees यानी कोई शुल्क नहीं। भुगतान की राशि कितनी भी हो, किसी को ₹500 भेजने हो या किसी को ₹5,000 या किसी को ₹50,000, कोई अलग से शुल्क नहीं।
P2P, P2PM और P2M category में अन्तर
P2P:
P2P का मतलब व्यक्ति से व्यक्ति (Person To Person) होता है जिसमें एक नॉर्मल UPI उपयोगकर्ता किसी व्यक्ति जैसे अपने दोस्त, परिवार को पैसे भेजता है और इसपर उसे कोई शुल्क नहीं देना पड़ता, ग्राहक को कहीं भी कभी भी paymeny करते समय कोई भी upi exttra charge नहीं देना है।
P2PM:
P2PM मतलब कोई छोटा दुकानदार जैसे- फल, सब्जी, किराना आदि बेचने वाले छोटे विक्रेता। P2PM category में सम्मिलित merchants के transactions को bank और payment service provider उनके 1 लाख प्रति महीने के भुगतान प्राप्ति को तीन महीनों तक नजर रखने पर, अगर प्रति महीना 1 लाख से ज्यादा भुगतान प्राप्त होता है तो उन्हें P2M Category में बदल दिया जाएगा।
P2M:
इस category का मतलब Person To Merchant होता है, जो merchant हर महीने 1 लाख से ऊपर की धनराशि upi Transactions के जरिए प्राप्त करते हैं, उनपर 2,000 से ऊपर के भुगतान प्राप्ति पर 0.4% MDR शुल्क लगेगा।
MDR शुल्क क्या है? MDR Full form
MDR का Full Form "Merchant Discount Rate" होता है।
Upi से रोज करोड़ों रुपयों की लेन देन होती रहती है, और इस लेनदेन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए ही इस शुल्क को लिया जाता है। इस शुल्क का उपयोग upi के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने, साइबर सिक्युरिटी और ग्राहक सेवाओं में इसे बेहतर बनाने के लिए इनवेस्ट, के लिए किया जा सके।
किसे और कितना शुल्क देना होगा?
नए MDR ढांचे के अनुसार कुल merchant upi transactions का 95% से अधिक transactions MDR शुल्क से अप्रभावित होंगें जबकि कुछ बड़े merchants भुगतान पर MDR लागू होगा जिसका असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा, यानी खरीदने वाले को कोई शुल्क नहीं देना होगा।
आधिकारिक जानकारी के आधार पर जितने भी merchant upi लेनदेन होंगे उनमें से 95% से ज्यादा merchant पर कोई असर नहीं पड़ेगा। केवल कुछ % ऐसे लेनदेन (Transactions) हैं जो MDR के तहत आने वाले हैं। और ये शुल्क 15 October से प्रभावी होंगे।
₹2,000 से अधिक के P2M merchant भुगतान पर 0.4% का MDR शुल्क लगेगा, और ये शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। यानी आप कहीं कुछ खरीदते समय ₹2,000 रुपये से अधिक का भुगतान करते हैं तो आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देने पड़ेंगे। ये शुल्क merchant को देने होंगे।
0.4% MDR शुल्क
अगर आपने किसी Shop से 2,000 से ऊपर का सामान खरीदा, मान लीजिए आपने 5,000 का कोई सामान खरीदा, तो 0.4% rates के हिसाब से 20 रुपये का शुल्क जिस shop से आपने सामान खरीदा है उस shop को देने होंगे। खरीदने वाले को कोई शुल्क नहीं देना है।
₹300 का शुल्क
अगर कोई ग्राहक merchant shop से ₹75,000 का या इससे ऊपर के कीमत की कोई वस्तु खरीदता हैं तो हर भुगतान पर merchant को 0.4% का शुल्क ना देकर flat rate ₹300 रुपये का ही चार्ज देना होगा।

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